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२४ कैरट सम्पूर्ण बनने के लिए २४ पॉइंटस - Hindi

Download pdf file - Hindi   :   २४ कैरट सम्पूर्ण बनने के लिये २४ पॉइंट्स             Website link :       Spiritual Messages - Hindi & Eng                                                                                                                                                              Youtube link :   २४ कैरट सम्पूर्ण बनने के लिए २४ पॉइंटस  Main website link      :   Godly Knowledge Treasures Main youtube site link     :  Godly Knowledge Treasures                                        समाप्ति वर्ष में २४ कैरट सम्पूर्ण बनने के लिए २४ पॉइंटस १)         अमृतवेला (२ . ० से ४.४५ AM ) को ठीक करने का पुरुषार्थ अवश्य करना है । यह वेला मिस न होने के साथ साथ पावरफुल और लवफुल हो इस पर भी ध्यान देना है । बाबा के महावाक्य हैं “ बच्चे तुम सिर्फ अपना अमृतवेला ठीक करो तो मैं तुम्हारा सब कुछ ठीक कर दूँगा । २)       बाबा की साकार और अव्यक्त मुरलियों पर अधिक से अधिक मनन चिंतन करें । सेवाकेंद्र पर क्लास में मुरली सुनने से संगठन का विशेष बल और वायुमंडल का अतिरिक्त सहयोग
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कविता - मातृशक्ति तुझे शत शत नमन - Hindi

                                                                   लौकिक माताजी आदरणीय श्री राजकुमारी देवी को समर्पित ये दिल के उदगार भावनाओं के रूप में इस कविता में प्रकट हुआ है जिन्होंने ६ मई २०२० को अपने नश्वर देह का त्याग किया । माँ ईश्वर की सर्वोत्तम प्रेमपूर्ण रचना है जो निःस्वार्थ स्नेह और पालना का प्रतीक है जिसका ऋण कभी भी चुकाया नहीं जा सकता । भले ही ये पंक्तियाँ अपनी लौकिक माताजी के संस्मरण में साकार किया गया है पर मातृशक्ति की बात करें तो यह  विश्व की सभी माताओं को समर्पित है और ख़ास कर उन  संतानों  को यह दिल से छू सकता है जो माँ की आँचल में बिताये गये उस ममतामयी अनमोल पल को स्मरण करते रहते हैं ।  !! मातृशक्ति तुझे शत शत नमन !!         ईश्वरीय स्नेह की साकार प्रतिमा हे मातृशक्ति ! तुझे शत शत नमन ।   जन्म देने में मुझको बड़ी पीड़ा सहे मांगी मन्नत, तीर्थों पर बहुत पैर घसे तप परायण कर शिव को प्रसन्न किया  स्वप्न में तब शिवबालक का दर्शन हुआ अपनी ममता और रक्त से इस देह को सींचा पोषण कर योग्य बनाया बहाके खून पसीना   निःस्वार्थ त्याग की नहीं कोई सीमा हे मा

अंतिम समय इशारे , पुरुषार्थ व सेवा - ब्रह्मा वाणी 1 & 2

  Download pdf file - Hindi :       अंतिम समय इशारे, पुरुषार्थ व सेवा - ब्रह्मा वाणी 1 & 2 Website link -  :     Meditation Methods - Hindi & Eng अंतिम समय - इशारे, पुरुषार्थ व सेवा - १ ओम का गुंजार करते हुए स्वयं को एकदम आत्मा समझ बाप को याद करें और सभी को सुख, शान्ति, प्रेम आनंद का दान दो ·       बाप ये थोड़ी देखेंगा   इसको 40 वर्ष हो गया है। नहीं देखेगा। ये   दिखेगा इस बच्चे ने पुरुषार्थ के बल पे   कितना जमा किया है।   इस बच्चे ने कितनों का कल्याण किया है। इस बच्चे ने कितनों को बाप समान बनाया है।   इस बच्चे ने कितने बच्चों का मन शांत किया है।   कितना खजाना बांटा है।   कितना दानी बने हैं 40 वर्ष वालों के पास क्या होगा , जो दान ही ना दे सके।   दान का अर्थ क्या है ? दान का अर्थ पहले सुख , शांति ,  प्रेम , आनंद सबका दान   देवें। ये   दान सबसे बड़ा दान। धन का दान तो आज पूरा विश्व एक दूसरे को दे रहा है।   दूसरा देश उस देश को दे रहा है। वो   देश उस   देश को दे रहा है। वो   उसको दे रहा है वो   उसको। दुख की लेने देने जरूर हो रही है। लेकिन सुख शांति की लें देन   कहाँ   नहीं हो रही